આમ તો હિન્દી ફિલ્મોમાં ઘણા હોળીના ગીતો છે…. black & while ફિલ્મોથી લઇને આજ સુધી ઘણા યાદગાર હોળી ગીતો મળી રહે, પણ હોળી અને હિન્દી ફિલ્મોનો એક સાથે વિચાર કરું, તો મને સૌથી પહેલા, અને સૌથી વધુ આ જ ગીત યાદ આવે…(આ ગીતની શરુઆત જ એવી સરસ છે, અને યાદ કરાવે છે કે રેપ ગીતો કંઇ આજના નથી. :))
अटक अटक झट पट पनघट पर
चटल मटक एक नार नवेली
गोरी गोरी ग्वालनकी छोरी चली चोरी चोरी
मुख मोरी मोरी मुसकाये अलबेली
संकरी गलीमें मारी कंकरी कन्हैया ने
पकरी बांह और की अटखेली
भरी पिचकारी मारी सररर…..
बोली पनिहारी बोली अररर…..
अरे जा रे हट नटखट
ना छू रे मेरा घुंघट
पलटके दुंगी आज तुज़े गाली रे
मुझे समझोना तुम भोलीभाली रे
आया होली का त्योहार
उडे रंगकी बैछार
तु है नार नखरेदार मतवाली रे
आज मीठी लगे है तेरी गाली रे
तक तक न मार पिचकारीकी धार
कोमल बदन सह सके ना ये मार
तु है अनाडी बडा ही गंवार
तेरी झपझोरी से बाझ आइ ओरी रे
चोर तेरी चोरी निराली रे
मुझे समझोना तुम भोलीभाली रे
धरती है लाल, आज अंबर है लाल
उडने दे गोरी गालो का गुलाल
मत लाज का आज घुंघट निकाल
दे दिलकी धडपन पे धिनक धिनक ताल
झांझ बजे … बजे, संगमें मृदंग बजे
अंगमें उमंग खुशियारी रे
आज मीठी लगे है तेरी गाली रे










