कलाम: गुरुदर्शन बाल
स्वरकार-स्वर: देवकी आनंद
Album: Shokhi E Ghazal
न उसका ठिकाना न कोई पता है
ये दिल है के फिर भी उसे ढूंढता है
हथेली पे जिसके लिए सर टिका है
वो गैरों की माफिक हमे देखता है
ये दिल है के फिरभी उसे ढूंढता है
ये दिल है दीवाना नही बसमें मेरे
जहां प्यार देखा वही दौड़ता है
ये दिल है के फिरभी उसे ढूंढता है
मिलना बिछुड़ना रूठना मान जाना
मुहोबत मैं सदियों से ये सिलसिला है
ये दिल है के फिरभी उसे ढूंढता है
मिलेंगे वो एक दिन ये तुम देख लेना
जहां छोटा है दिल का हर रास्ता है
ये हसरत भरा दिल उसे ढूंढता है
(प्रेषक: प्रणय वसावडा)









