H बीते हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी.. – हसन कमाल

આજે એક હીન્દી ગીત…  અને એ પણ મારુ ઘણું જ ગમતું ગીત…  પણ, આજે આ ગીત મુકવાનું એક ખાસ કારણ છે. એ કારણ તો હું તમને 1-2 દિવસમાં જણાવીશ જ, પણ આજ માટે તો બસ આ સુરીલી નઝ્મ સાઁભળીયે !

સ્વર : મહેન્દ્ર કપૂર ;  સંગીત : રવિ  

अभी अलविदा मत कहो दोस्तों
न जाने फिर कहाँ मुलाक़ात हो, क्योंकि

बीते हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी
ख़्वाबों में ही हो चाहे मुलाक़ात तो होगी

ये प्यार ये डूबी हुई रँगीन फ़िज़ाएं
ये चहरे ये नज़ारे ये जवाँ रुत ये हवाएं
हम जाएं कहीं इनकी महक साथ तो होगी
बीते हुए लम्हों की …

फूलों की तरह दिल में बसाए हुए रखना
यादों के चिराग़ों को जलाए हुए रखना
लम्बा है सफ़र इस में कहीं रात तो होगी
बीते हुए लम्हों की …

ये साथ गुज़ारे हुए लम्हात की दौलत
जज़्बात की दौलत ये ख़यालात की दौलत
कुछ पास न हो पास ये सौगात तो होगी
बीते हुए लम्हों की …

8 replies on “H बीते हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी.. – हसन कमाल”

  1. કોઇ પણ સમયે , ક્યાંય પણ , આ ગીત હંમેશા જીવંત જ રહેશે…..

  2. बीते हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी
    ख़्वाबों में ही हो चाहे मुलाक़ात तो होगी
    फूलों की तरह दिल में बसाए हुए रखना
    यादों के चिराग़ों को जलाए हुए रखना
    लम्बा है सफ़र इस में कहीं रात तो होगी
    बीते हुए लम्हों की …

    कुछ बीते हुए लम्हों से मुलाकात हुई. कुछ टूटे
    हुए सपनों से बात हुई. याद आये वो किस्से
    पुराने जब. आंखों से बूंदों की बरसात हुई.

  3. One of my fav. song

    ये साथ गुज़ारे हुए लम्हात की दौलत
    जज़्बात की दौलत ये ख़यालात की दौलत
    कुछ पास न हो पास ये सौगात तो होगी……

  4. Yeh sath gujare hue lumhat ki daulat
    Jajbat ki daulat ye khayalat ki daulat
    kuchh pas na ho pas ye saugat to hogi
    bite hue lamho ki………
    70 years ki jindgi me purani yade Aai

  5. ये साथ गुज़ारे हुए लम्हात की दौलत
    जज़्बात की दौलत ये ख़यालात की दौलत
    कुछ पास न हो पास ये सौगात तो होगी
    बीते हुए लम्हों की …
    સુરીલું…સાંભળતા જ દિલમાં કસક કસક્

  6. superb song !!

    મહેન્દ્રકપૂરનો દર્દીલો અવાજ અને સુંદર શબ્દો
    ગીતને ચાર ચાંદ લગાવી દે છે.

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