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H ज़िंदगी में तो सभी प्यार किया करते है – क़ातिल शिफाई

આજે ગુડી પડવો…. અમારા તરફથી સૌને ગુડી પડવાની શુભેચ્છાઓ… :)

નેપાળના રાજા ‘વિરેન્દ્રવીર વિક્રમ શાહ દેવ’ના દરબારમાં જ્યારે એકવાર મેંહદી હસન કાર્યક્રમ રજૂ કરતા હતા, ત્યારે તેઓ અચાનક એમની આ ગઝલ ‘ज़िंदगी में तो सभी प्यार किया करते है’ ની આગળની કડી ભૂલી ગયા.. રાજા ત્યારે પોતે ઊભા થઇને ગઝલની એના પછીની કડી ગાવા લાગ્યા.. (આભાર : Mehdihassanent.net)

ज़िंदगी में तो सभी प्यार किया करते है,
मैं तो मर कर भी मेरी जान तुज़े चाहुंगा.

तु मिला है तो ये एहसास हुआ है मुज़को,
ये मेरी उम्र मुहब्बत के लिये थोड़ी है.
एक ज़रा सा ग़म-ए-दौराँ का भी हक़ है जिस पर,
मैने वो साँस भी तेरे लिये रख़ छोड़ी है,
तुज़पे हो जाउंगा क़ुरबान तुज़े चाहुंगा,
मैं तो मर कर भी मेरी जान तुज़े चाहुंगा…

अपने जज़बात में नग़मात रचाने के लिये,
मैंने धड़कन की तरह दिलमें बसाया है तुज़े !
मैं तसव्वुर भी जुदाई का भला कैसे करुं !
मैंने किस्मत की लक़ीरों से चुराया है तुज़े,
प्यार का बन के निग़हबान तुज़े चाहुंगा…
मैं तो मर कर भी मेरी जान तुज़े चाहुंगा…

तेरी हर चाप से जलते है ख़यालों में चराग़,
जब भी तु आए, जगाता हुआ जादु आए !
तुज़को छु लुं तो फिर ऐ जान-ए-तमन्ना मुज़को,
देर तक अपने बदन से तेरी ख़ुश्बु़ आए !
तु बहारोँ का है उन्वाँ, तुज़े चाहुंगा,
मैं तो मर कर भी मेरी जान तुज़े चाहुंगा…